कल हम सबको एक बड़ा ही अचंभित कर देने वाला मगर सुखद दृश्य देखने को मिला जब हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र भाई मोदी जी लेह में पहुंच गये। लेह पहुंचकर उन्होंने अग्रिम चौकी निमो में जाकर वहां की सैन्य स्थिति और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया और उसके बाद वो सैनिकों से भी मुखातिब हुए। वो वहां अस्पताल में भर्ती गलवान घाटी के घायल वीर सैनिकों से मिलने भी गए और उनका हालचाल भी पूछा। लेह में सैनिकों को उन्होंने संबोधित भी किया और एक स्पष्ट तौर पर उन्होंने एक पैगाम दिया कि वो हमारे देश के सैनिकों के साथ खड़े हैं और कोई भी देश हमारी सीमायों की ओर आंख उठा के नंही देख सकता। उनके इस अकस्मात दौरे के राजनीतिक परिपेक्ष्य में बहुत सारे मतलब निकाले जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री के इस दौरे के पीछे उनकी क्या मंशा थी। अकस्मात वो सुबह लेह में पहुंचते हैं और सैनिकों से मिलते हैं। कई लोग इसको बिहार इलेक्शन के साथ भी जोड़कर देख रहे हैं ।प्रधानमंत्री की अपनी शायद क्या मंशा रही होगी यह तो वही जान सकते हैं।लेकिन आम भारतीय को यही चीज दिखाई देती है की हमारे देश के प्रधानमंत्री अपने देश के सैनिकों के साथ हर मौके उनके साथ खड़े हैं।बहुत दिनों से हमारे देश के विरोधी दल यह कहने में लगे हुए थे कि प्रधानमंत्री ने अभी तक चीन के खिलाफ एक लफ्ज भी नहीं बोला है और ना ही कोई पॉलिसी स्टेटमेंट दिया है मगर प्रधानमंत्री जी ने लेह का दौरा कर वहां की अग्रिम चौकियों पर जाकर सैन्य तैनाती और वहां की स्थितियों का जायजा लेकर बिना बोले यह सिद्ध कर दिया कि देश उनके लिए सर्वोपरि है। इसके साथ ही यह हमारे पड़ोसी देश चीन को भी एक स्पष्ट संकेत दिया कि अब उसकी दादागिरी के आगे भारत झुकने वाला नहीं है तो जो दबाव की रणनीति चीन खेलता है तो प्रधानमंत्री ने उससे भी आगे एक चाल खेल कर उसको यह बता दिया की दबाव की रणनीति सिर्फ चीन ही नहीं जानता भारत भी इसे खेल सकता है और उससे कहीं एक कदम आगे होकर। कोई कुछ भी कहे लेकिन हम तो यही कहेंगे कि प्रधानमंत्री का यह दौरा देश के लिए देश की इस वक्त की मौजूदा स्थिति जो चीन के साथ टकराव के कारण बनी हुई है उस में हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए और पूरे देश का मनोबल बढ़ाने के लिए और एक अच्छा कदम है। विरोधी दलों को निरुत्तर करने के साथ ही कहीं ना कहीं प्रधानमंत्री जी ने गेंद चीन के पाले में भी फेंक दी है।
International and Nationalnews, JKU News, Critical Analysis, Latest Information, Breaking News
![]() |
- Doda Poonch Rajouri News (6)
- JKUT NEWS (465)
- Local Samba News (213)
- Ramban News (6)
- Religious News (9)
- Social News (7)
- Sports News (12)
- Udhampur & Kathua News (9)
- local Jammu News (29)
Saturday, July 4, 2020
प्रधानमंत्री जी का लेह का दौरा।
कल हम सबको एक बड़ा ही अचंभित कर देने वाला मगर सुखद दृश्य देखने को मिला जब हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र भाई मोदी जी लेह में पहुंच गये। लेह पहुंचकर उन्होंने अग्रिम चौकी निमो में जाकर वहां की सैन्य स्थिति और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया और उसके बाद वो सैनिकों से भी मुखातिब हुए। वो वहां अस्पताल में भर्ती गलवान घाटी के घायल वीर सैनिकों से मिलने भी गए और उनका हालचाल भी पूछा। लेह में सैनिकों को उन्होंने संबोधित भी किया और एक स्पष्ट तौर पर उन्होंने एक पैगाम दिया कि वो हमारे देश के सैनिकों के साथ खड़े हैं और कोई भी देश हमारी सीमायों की ओर आंख उठा के नंही देख सकता। उनके इस अकस्मात दौरे के राजनीतिक परिपेक्ष्य में बहुत सारे मतलब निकाले जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री के इस दौरे के पीछे उनकी क्या मंशा थी। अकस्मात वो सुबह लेह में पहुंचते हैं और सैनिकों से मिलते हैं। कई लोग इसको बिहार इलेक्शन के साथ भी जोड़कर देख रहे हैं ।प्रधानमंत्री की अपनी शायद क्या मंशा रही होगी यह तो वही जान सकते हैं।लेकिन आम भारतीय को यही चीज दिखाई देती है की हमारे देश के प्रधानमंत्री अपने देश के सैनिकों के साथ हर मौके उनके साथ खड़े हैं।बहुत दिनों से हमारे देश के विरोधी दल यह कहने में लगे हुए थे कि प्रधानमंत्री ने अभी तक चीन के खिलाफ एक लफ्ज भी नहीं बोला है और ना ही कोई पॉलिसी स्टेटमेंट दिया है मगर प्रधानमंत्री जी ने लेह का दौरा कर वहां की अग्रिम चौकियों पर जाकर सैन्य तैनाती और वहां की स्थितियों का जायजा लेकर बिना बोले यह सिद्ध कर दिया कि देश उनके लिए सर्वोपरि है। इसके साथ ही यह हमारे पड़ोसी देश चीन को भी एक स्पष्ट संकेत दिया कि अब उसकी दादागिरी के आगे भारत झुकने वाला नहीं है तो जो दबाव की रणनीति चीन खेलता है तो प्रधानमंत्री ने उससे भी आगे एक चाल खेल कर उसको यह बता दिया की दबाव की रणनीति सिर्फ चीन ही नहीं जानता भारत भी इसे खेल सकता है और उससे कहीं एक कदम आगे होकर। कोई कुछ भी कहे लेकिन हम तो यही कहेंगे कि प्रधानमंत्री का यह दौरा देश के लिए देश की इस वक्त की मौजूदा स्थिति जो चीन के साथ टकराव के कारण बनी हुई है उस में हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए और पूरे देश का मनोबल बढ़ाने के लिए और एक अच्छा कदम है। विरोधी दलों को निरुत्तर करने के साथ ही कहीं ना कहीं प्रधानमंत्री जी ने गेंद चीन के पाले में भी फेंक दी है।
Labels:
Analytic
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के निर्माण के लिए एक रूपरेखा प्रदान करते हुए निजी सिक्कों क...
-
The Delhi Capitals team lost multiple bats, pads and other stuff stolen from their luggage after they landed at Delhi airport from Bengalu...
-
Today Japan Shotokan Karate Championship concluded at Cybernautics school Kunjwani . This championship was organised under the supervision ...
-
Pursuant to Notification No : JKB / HR - Rectt - 2020-333 Dated 07-12-2020 , the result of Online Mains Examination for the post of Probati...
-
श्रीनगर पुलिस ने परिमपोरा में चोरी और जबरन वसूली के मामलों का खुलासा किया है। वर्दी और डमी हथियार लेकर लोगों को लूटने वाले 10 आरोपी गिरफ्त...
-
District administration Samba welcomes Hon'ble MoS Ports, Shipping & Waterways GOI, Shri Shantanu Thakur in district samba who came ...
-
Advocate Mohd Ishaq is no more. He was suffering from COVID19. It was alleged that he wanted to go to Srinagar for his treatment but authori...
No comments:
Post a Comment